तुर्की के प्रसिद्ध व्यवसायी और पर्यटन क्षेत्र के विशेषज्ञ आयदिन अपायदिन ने देश में बढ़ती पर्यटन लागतों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि तुर्की के नागरिक अब अपने ही देश में छुट्टी करने में असमर्थ हैं, क्योंकि कीमतें आसमान छू रही हैं। यह बयान तब आया है जब तुर्की में मुद्रास्फीति और जीवनयापन की लागत में भारी वृद्धि हुई है। अपायदिन ने विशेष रूप से होटलों, रेस्तरां और परिवहन सेवाओं की बढ़ती दरों की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के लिए घरेलू पर्यटन एक विलासिता बन गया है।
अपायदिन ने अपने बयान में कहा, 'हम अपने देश में छुट्टी नहीं कर सकते। यह बहुत दुखद है कि तुर्की के लोग अपने ही देश के समुद्र तटों और ऐतिहासिक स्थलों का आनंद नहीं ले पा रहे हैं।' उन्होंने सरकार से पर्यटन क्षेत्र में मूल्य नियंत्रण लागू करने का आग्रह किया। उनके अनुसार, विदेशी पर्यटकों के लिए तुर्की अभी भी आकर्षक है, लेकिन स्थानीय निवासियों को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। यह स्थिति तुर्की के पर्यटन उद्योग के लिए दीर्घकालिक रूप से हानिकारक हो सकती है।
तुर्की में पर्यटन क्षेत्र पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है, लेकिन इस वृद्धि ने स्थानीय लोगों के लिए चुनौतियां पैदा कर दी हैं। होटलों की कीमतें, विशेष रूप से लोकप्रिय रिसॉर्ट क्षेत्रों में, पिछले वर्ष की तुलना में दोगुनी हो गई हैं। रेस्तरां और कैफे में भी मूल्य वृद्धि देखी गई है। अपायदिन ने कहा कि यह प्रवृत्ति न केवल पर्यटन बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समाधान नहीं निकाला गया, तो तुर्की अपने घरेलू पर्यटन बाजार को खो सकता है।
अपायदिन ने यह भी बताया कि कई तुर्की नागरिक अब छुट्टियों के लिए विदेश जाना पसंद कर रहे हैं, क्योंकि वहां की कीमतें तुर्की की तुलना में अधिक किफायती हैं। उन्होंने उदाहरण के तौर पर ग्रीस और बुल्गारिया जैसे पड़ोसी देशों का उल्लेख किया, जहां होटल और भोजन की लागत कम है। यह प्रवृत्ति तुर्की के पर्यटन उद्योग के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी और प्रोत्साहन प्रदान करे।
अपायदिन के इस बयान ने तुर्की में एक बहस छेड़ दी है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा किए हैं, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे वे अपने देश में छुट्टी करने में असमर्थ हैं। कुछ ने सरकार की नीतियों की आलोचना की, जबकि अन्य ने पर्यटन व्यवसायियों पर कीमतें बढ़ाने का आरोप लगाया। यह मुद्दा तुर्की में आगामी चुनावों में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है। अपायदिन ने कहा कि वह इस मुद्दे को उठाते रहेंगे जब तक कि समाधान नहीं मिल जाता।
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