
तुर्की के विपक्षी नेता अयहान बारुत ने जंगल की आग से निपटने में सरकार की विफलता पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि हर साल यही त्रासदी दोहराई जाती है, लेकिन सरकार प्रभावी कार्रवाई नहीं करती। बारुत ने आरोप लगाया कि जब देश के फेफड़े जल रहे हैं, तब सरकार केवल देखती रहती है। उन्होंने तत्काल एक आपातकालीन कार्य योजना लागू करने की मांग की।
बारुत ने कहा कि गर्मियों की शुरुआत में ही देश के विभिन्न हिस्सों से आग की लपटें उठ रही हैं, जो संकट की गहराई को दर्शाती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जंगल की आग सिर्फ पेड़ों के नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे हजारों जीवों की मौत होती है, प्राकृतिक आवास नष्ट होते हैं और जैव विविधता को अपूरणीय क्षति पहुंचती है। ऑक्सीजन स्रोतों के खत्म होने और वायु गुणवत्ता में गिरावट से जलवायु संकट और गहराता है।
बारुत ने सरकार की तैयारियों की कमी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि हर साल एक ही दर्दनाक अनुभव के बावजूद, आग के मौसम के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं की जाती। उन्होंने वन गांवों के निवासियों और श्रमिकों को उनके गांवों से दूर करने की नीति की आलोचना की, जिससे आग से लड़ाई कमजोर होती है। हवाई बेड़े का प्रभावी उपयोग न होना और कर्मियों व उपकरणों की योजना में लापरवाही संकट को और बढ़ाती है।
बारुत ने स्थायी समाधान के लिए एक रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने मांग की कि आग के मौसम से पहले 24 घंटे काम करने में सक्षम विमानों और हेलीकॉप्टरों का एक मजबूत हवाई बेड़ा तैयार किया जाए। वन विभाग को कर्मियों, रसद और तकनीकी उपकरणों से तुरंत मजबूत किया जाना चाहिए। सभी जोखिम वाले क्षेत्रों में प्रारंभिक चेतावनी और निरंतर निगरानी प्रणाली लागू करना महत्वपूर्ण है।
उन्होंने स्थानीय सरकारों, क्षेत्रीय लोगों, गैर-सरकारी संगठनों, स्वयंसेवी टीमों और सार्वजनिक संस्थानों के बीच एक मजबूत समन्वय नेटवर्क स्थापित करने पर जोर दिया। बारुत ने कहा कि सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और निरीक्षण को सख्त करने के लिए एक भी सेकंड बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रकृति की रक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई का आह्वान किया।
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