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विज्ञान

शिशुओं में जन्म से ही गणित की तंत्रिका आधारभूत संरचना होती है

New Scientist
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नवजात शिशुओं के मस्तिष्क रिकॉर्डिंग से पता चला है कि मानव संख्या की एक सहज समझ के साथ जन्म लेते हैं। यह खोज तंत्रिका विज्ञान में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो रही है क्योंकि यह पुष्टि करती है कि गणितीय क्षमताएं पूरी तरह से शिक्षा या अनुभव पर निर्भर नहीं हैं। वैज्ञानिकों ने पाया कि शिशुओं के मस्तिष्क संख्यात्मक पैटर्न को पहचानने और उनमें बदलाव करने की प्रारंभिक क्षमता रखते हैं। इस अध्ययन ने यह साबित किया है कि गणित की बुनियादी समझ जन्मजात होती है और इसे बाद में विकसित किया जा सकता है। यह अंतर्दृष्टि शिक्षा पद्धतियों और बाल विकास के तरीकों को बदलने में मदद कर सकती है।

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