
बीकनहाउस नेशनल यूनिवर्सिटी (BNU) ने पाकिस्तान का पहला व्यापक संस्थागत ढांचा शुरू किया है जो विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच मादक द्रव्यों के सेवन और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित है। इस पहल के तहत दो मैनुअल पेश किए गए हैं जिनका उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में नशे की लत और मनोवैज्ञानिक संकट से निपटने के तरीके को बदलना है।
यह ढांचा विश्वविद्यालय परिसरों में नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने और मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान करने के लिए एक मॉडल के रूप में काम करेगा। BNU प्रशासन ने इसे छात्रों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। मैनुअल में नशे की लत के शुरुआती लक्षणों की पहचान करने, परामर्श सेवाएं प्रदान करने और एक सहायक वातावरण बनाने के दिशानिर्देश शामिल हैं।
पाकिस्तान में विश्वविद्यालयों में मादक द्रव्यों के सेवन की समस्या बढ़ रही है, और यह पहल इस दिशा में एक ऐतिहासिक प्रयास है। BNU ने इस ढांचे को विकसित करने के लिए मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और नशा मुक्ति केंद्रों के साथ सहयोग किया है। यह कार्यक्रम न केवल छात्रों बल्कि शिक्षकों और कर्मचारियों को भी प्रशिक्षित करेगा।
इस ढांचे के तहत, विश्वविद्यालय परिसर में नियमित जागरूकता अभियान, कार्यशालाएं और परामर्श सत्र आयोजित किए जाएंगे। BNU का लक्ष्य एक ऐसा वातावरण बनाना है जहां छात्र बिना किसी भय के मदद मांग सकें। यह पहल पाकिस्तान के अन्य विश्वविद्यालयों के लिए एक मिसाल बन सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के ढांचे से छात्रों के बीच नशीली दवाओं के उपयोग में कमी आएगी और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का जल्द पता लगाया जा सकेगा। BNU ने इस कार्यक्रम की सफलता के लिए दीर्घकालिक योजना बनाई है और इसे अन्य संस्थानों के साथ साझा करने की इच्छा जताई है।
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