
दियारबकिर में डिकले इलेक्ट्रिक ने ड्रोन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से बिजली चोरी के मामलों का पता लगाया है। कंपनी ने अपने निरीक्षण अभियान के तहत 29 अवैध ट्रांसफार्मरों की पहचान की, जिनकी कुल क्षमता 4,440 kVA थी। ये ट्रांसफार्मर बिना किसी पंजीकरण के चल रहे थे और इनके जरिए बड़े पैमाने पर बिजली की चोरी हो रही थी। ड्रोन तकनीक ने उन क्षेत्रों तक पहुंचना संभव बनाया जहां जमीनी निरीक्षण मुश्किल था।
इस अभियान में AI-आधारित विश्लेषण का उपयोग किया गया, जिससे डेटा पैटर्न की पहचान कर अवैध कनेक्शनों का पता लगाया जा सका। डिकले इलेक्ट्रिक के अधिकारियों ने बताया कि ये ट्रांसफार्मर मुख्य रूप से कृषि क्षेत्रों में स्थित थे, जहां किसान सिंचाई के लिए बिजली का उपयोग करते हैं। कंपनी ने यह भी खुलासा किया कि इन अवैध ट्रांसफार्मरों के कारण हर साल लाखों लीरा का नुकसान होता था।
ड्रोन निगरानी ने न केवल अवैध ट्रांसफार्मरों का पता लगाया, बल्कि खेतों में पराली जलाने वालों की भी पहचान की। पराली जलाना एक गंभीर पर्यावरणीय समस्या है, जो वायु प्रदूषण और मिट्टी की उर्वरता को नुकसान पहुंचाता है। ड्रोन कैमरों ने इन गतिविधियों के सबूत रिकॉर्ड किए, जिससे प्रशासन को कार्रवाई करने में मदद मिली।
यह पहल डिकले इलेक्ट्रिक के बिजली चोरी और अवैध उपयोग के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है। कंपनी ने पहले भी इसी तरह की तकनीकों का उपयोग करके सैकड़ों अवैध कनेक्शनों को काटा है। स्थानीय प्रशासन ने इस कदम की सराहना की है और कहा है कि इससे बिजली वितरण प्रणाली में सुधार होगा।
भविष्य में, डिकले इलेक्ट्रिक ड्रोन और AI तकनीक का और अधिक विस्तार करने की योजना बना रही है। कंपनी का लक्ष्य पूरे क्षेत्र में इसी तरह के निरीक्षणों को नियमित रूप से करना है। इससे न केवल बिजली चोरी पर अंकुश लगेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
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