
जून 2026 के ईमेल खतरा रडार में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने कई नए और परिष्कृत हमलों की पहचान की है। इनमें वास्तविक माइक्रोसॉफ्ट लॉगिन फिशिंग शामिल है, जो उपयोगकर्ताओं को नकली लॉगिन पेज पर ले जाकर उनके क्रेडेंशियल चुराता है। यह हमला पारंपरिक फिशिंग से अधिक खतरनाक है क्योंकि यह वास्तविक माइक्रोसॉफ्ट इंटरफेस की नकल करता है।
डिवाइस कोड स्कैम एक नई तकनीक है जिसमें हमलावर उपयोगकर्ताओं को एक कोड दर्ज करने के लिए प्रेरित करते हैं, जो उनके डिवाइस तक पहुंच प्रदान करता है। इसमें एक किल स्विच भी होता है, जो हमलावर को जरूरत पड़ने पर हमले को रोकने की अनुमति देता है, जिससे इसका पता लगाना मुश्किल हो जाता है।
स्प्लिट-क्लिक अटैक एक और उभरता हुआ खतरा है, जहां उपयोगकर्ता को एक लिंक पर क्लिक करने के लिए प्रेरित किया जाता है जो कई चरणों में विभाजित होता है। यह तकनीक सुरक्षा प्रणालियों को बायपास करने में सक्षम है क्योंकि प्रत्येक क्लिक अलग-अलग गंतव्य पर ले जाता है।
मैलवेयर डिलीवरी की ओर बदलाव भी चिंताजनक है। पारंपरिक फिशिंग के बजाय, हमलावर अब सीधे मैलवेयर भेजने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जो उपयोगकर्ता के सिस्टम को संक्रमित कर सकता है। यह रैनसमवेयर या स्पाइवेयर के रूप में हो सकता है।
कुल मिलाकर, ये खतरे दर्शाते हैं कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीके विकसित कर रहे हैं। संगठनों और व्यक्तियों को सतर्क रहने और अपनी सुरक्षा प्रथाओं को अद्यतन करने की आवश्यकता है।
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