
एस्कीशेहिर में 2024 में एक चाय बागान में बैठे 5 लोगों पर चाकू से हमला करने के आरोप में 74 साल 17 महीने की सजा पाए 18 वर्षीय अर्दा कुचुक्येतिम ने जेल में आत्महत्या कर ली। उसका शव उसके गृह जिले इनोनू में दफनाया गया। यह घटना तुर्की में युवा अपराधियों के मानसिक स्वास्थ्य और जेल प्रणाली पर सवाल उठाती है।
हमला अगस्त 2024 में एस्कीशेहिर के एक पार्क में हुआ था, जहां अर्दा ने बिना किसी उकसावे के पांच लोगों पर चाकू से हमला कर दिया। पीड़ितों में से तीन गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि दो को मामूली चोटें आईं। घटना के बाद अर्दा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उस पर हत्या के प्रयास का मुकदमा चलाया गया।
अदालत ने उसे 74 साल 17 महीने की सजा सुनाई, जो तुर्की में नाबालिगों के लिए एक कठोर सजा मानी जाती है। सजा के बाद अर्दा को एक उच्च सुरक्षा वाली जेल में भेज दिया गया, जहां उसने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। जेल अधिकारियों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह बच नहीं सका।
अर्दा की मौत ने तुर्की में युवा अपराधियों के मानसिक स्वास्थ्य मूल्यांकन और जेल की स्थितियों पर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि किशोर अपराधियों को वयस्कों की तरह सजा देना उनके मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। कुछ लोगों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
अर्दा के परिवार ने उसकी मौत पर शोक व्यक्त किया और कहा कि वह मानसिक रूप से अस्थिर था। उन्होंने अदालत से उसकी उम्र और मानसिक स्थिति पर विचार करने का आग्रह किया था, लेकिन उनकी अपील को खारिज कर दिया गया। यह घटना तुर्की में न्याय प्रणाली और युवा अपराधियों के पुनर्वास पर गंभीर सवाल उठाती है।
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