
फिलिस्तीन के संयुक्त राष्ट्र राजदूत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इजरायल द्वारा कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में चल रहे विलय को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि निंदा के बयान पर्याप्त नहीं हैं और वास्तविक कार्रवाई की आवश्यकता है। यह आह्वान ऐसे समय में आया है जब इजरायल वेस्ट बैंक के बड़े हिस्सों पर अपनी संप्रभुता बढ़ाने की योजना बना रहा है। अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत यह विलय अवैध माना जाता है और इसकी व्यापक निंदा हुई है।
राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अन्य अंतरराष्ट्रीय निकायों से आग्रह किया कि वे इजरायल पर दबाव बनाने के लिए प्रतिबंधों सहित सभी उपलब्ध उपायों का उपयोग करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विलय जारी रहा तो इससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता को गंभीर खतरा होगा। फिलिस्तीनी प्राधिकरण ने भी इस कदम की निंदा की है और इसे दो-राज्य समाधान के लिए एक घातक झटका बताया है।
इजरायल का तर्क है कि यह विलय उसकी सुरक्षा जरूरतों के लिए आवश्यक है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है और फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों को कमजोर करता है। संयुक्त राष्ट्र ने पहले ही कई प्रस्तावों में इजरायल के कब्जे की निंदा की है, लेकिन उन्हें लागू करने में विफल रहा है।
इस मुद्दे ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में गहरी विभाजन पैदा कर दिया है। कुछ देशों ने इजरायल का समर्थन किया है, जबकि अन्य ने फिलिस्तीन के साथ एकजुटता दिखाई है। यूरोपीय संघ ने विलय को रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है।
फिलिस्तीनी राजदूत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह फिलिस्तीनी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार की रक्षा करे और इजरायल को उसके अवैध कार्यों के लिए जवाबदेह ठहराए। उन्होंने कहा कि यह केवल फिलिस्तीन का मुद्दा नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून और न्याय का सवाल है।
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