
फ्रांस में अप्रैल 2024 से हिरासत में लिए गए एक अल्जीरियाई कांसुलर एजेंट के मामले में फ्रांसीसी आतंकवाद विरोधी अभियोजन कार्यालय (PNAT) ने अपनी स्थिति में नरमी दिखाई है। ले मोंडे अखबार के अनुसार, अभियोजन पक्ष ने एजेंट की रिहाई की मांग की है, जबकि पहले वह इसका विरोध करता रहा था। यह बदलाव दोनों देशों के बीच संकट को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
यह मामला सितंबर 2024 से अक्टूबर 2025 तक गृह मंत्री रहे ब्रूनो रेटेलो के कार्यकाल से जुड़ा है। अप्रैल 2025 में जब दोनों देश संकट से बाहर निकलने की ओर बढ़ रहे थे, तब फ्रांसीसी आंतरिक सुरक्षा निदेशालय ने कांसुलर एजेंट को गिरफ्तार कर लिया। अल्जीरिया ने रेटेलो पर इस गिरफ्तारी को सुलह प्रक्रिया को पटरी से उतारने की साजिश बताते हुए आरोप लगाया। इसके बाद फ्रांस ने अपने राजदूत को अल्जीरिया से वापस बुला लिया और दोनों देशों ने एक-दूसरे के 12-12 कांसुलर एजेंटों को निष्कासित कर दिया।
फरवरी 2025 में दोनों देशों ने संकट से बाहर निकलने की एक नई प्रक्रिया शुरू की, जिसमें मंत्रिस्तरीय यात्राओं और प्रवासन तथा सुरक्षा सहयोग को फिर से शुरू करना शामिल था। लेकिन अल्जीरियाई कांसुलर एजेंट की हिरासत और अल्जीरिया में फ्रांसीसी पत्रकार क्रिस्टोफ ग्लेज़ की हिरासत दो बड़ी बाधाएं बनी रहीं।
अब PNAT ने 11 जून को एजेंट की रिहाई और न्यायिक निगरानी में रखने की मांग की है, यह कहते हुए कि उसकी हिरासत अब उचित नहीं है। हालांकि, 18 जून को एक न्यायाधीश ने रिहाई के अनुरोध को खारिज कर दिया, और बचाव पक्ष ने अपील की है जिसकी सुनवाई 13 जुलाई को होगी। ले मोंडे के अनुसार, यह अभियोजन पक्ष की स्थिति में स्पष्ट नरमी है, क्योंकि पहले वह सभी रिहाई अनुरोधों को खारिज करता रहा था।
यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह नरमी पेरिस और अल्जीयर्स के बीच संकट को सुलझाने और ग्लेज़ की रिहाई के लिए चल रहे पर्दे के पीछे के प्रयासों से जुड़ी है। फ्रांसीसी न्यायिक प्रणाली में, अभियोजन पक्ष के न्यायाधीश सीधे न्याय मंत्री के अधीन होते हैं, जो कार्यपालिका का हिस्सा है।
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