
चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Xiaohongshu पर Gen Z नाश्ते को कला में बदल रहा है। 'गानबा' या सूखा दही एक नया चलन है जिसमें गाढ़ा ग्रीक दही कैनवास की तरह इस्तेमाल होता है और नीली स्पिरुलिना या माचा जैसे प्राकृतिक सुपरफूड रंगों का काम करते हैं। यह चलन सिर्फ दिखावा नहीं है, बल्कि गहरा सांस्कृतिक अर्थ रखता है।
यह चलन चीन की 'उपस्थिति अर्थव्यवस्था' का हिस्सा है, जहां सौंदर्य और दिखावट को बहुत महत्व दिया जाता है। लेकिन इसके पीछे एक गहरा संदेश है: 996 कार्य संस्कृति के दबाव से जूझ रही पीढ़ी के लिए यह एक ध्यानपूर्ण पलायन है। धीरे-धीरे दही पर पेंटिंग करना एक तरह का 'झियु' या उपचार है, जो मानसिक शांति देता है।
दिलचस्प बात यह है कि यह चलन 'सफेद लोगों का खाना' नामक अवधारणा को भी चुनौती देता है। आमतौर पर इस शब्द का इस्तेमाल बेस्वाद और सिर्फ वजन घटाने पर केंद्रित भोजन के लिए किया जाता है। लेकिन गानबा दही इसे एक स्थानीय, कलात्मक शिल्प में बदल देता है, जो चीनी सौंदर्यशास्त्र को दर्शाता है।
क्या यह खाने योग्य कला थकी हुई युवा पीढ़ी के लिए अंतिम चिकित्सा है, या सिर्फ एक और क्षणिक स्टेटस सिंबल? यह बहस का विषय है। लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं कि गानबा दही ने खाने के साथ खेलने को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है।
Xiaohongshu पर वायरल हो रहे इस चलन में लोग छोटे पैलेट चाकू से मोनेट की वॉटर लिली जैसी जटिल कलाकृतियां बना रहे हैं। यह सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि आत्म-देखभाल का एक नया रूप है, जो दिखाता है कि कैसे Gen Z अपनी रचनात्मकता और सांस्कृतिक पहचान को जोड़ रहा है।
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