
विश्व मौसम अनुगमन (World Weather Attribution) के वैज्ञानिकों का मानना है कि हालिया वर्षों में देखी गई गर्मी की लहरें और अन्य चरम मौसम घटनाएं सीधे तौर पर मानवजनित जलवायु परिवर्तन का परिणाम हैं।
इन विशेषज्ञों ने गहन विश्लेषण किया है कि वैश्विक तापमान वृद्धि ने सूखे, बाढ़ लाती आंधियों और भीषण गर्मी की घटनाओं को कितना अधिक तीव्र और बारंबार बना दिया है।
उनके अनुसार, पचास साल पहले ऐसी गर्म हवाएं लगभग असंभव थीं, लेकिन आज ये घटनाएं कई गुना अधिक सामान्य हो गई हैं और दुनिया भर के विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित कर रही हैं।
यह रिपोर्ट इस बात पर जोर देती है कि प्राकृतिक जलवायु चक्रों के बजाय, मानव गतिविधियों द्वारा उत्सर्जित ग्रीनहाउस गैसें वातावरण में गर्मी को फंसाकर ऐसे अत्यधिक परिदृश्यों को आमंत्रित कर रही हैं।
अंततः, वैज्ञानिक चेतावनी देते हैं कि यदि कार्बन उत्सर्जन में तुरंत कमी नहीं लाई गई, तो भविष्य में ऐसी चरम मौसम घटनाएं और भी अधिक विनाशकारी और बारंबार होती जाएंगी।
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