यूके ने स्थिर मुद्रा पूंजी आवश्यकता को अंतिम क्रिप्टो नियम पुस्तिका में कम किया

यूनाइटेड किंगडम ने अपने अंतिम क्रिप्टोकरेंसी नियम पुस्तिका में स्थिर मुद्राओं के लिए पूंजी आवश्यकता को कम कर दिया है। यह कदम उद्योग के दबाव और नवाचार को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच आया है। नए नियमों के तहत, स्थिर मुद्रा जारीकर्ताओं को अब कम पूंजी रखनी होगी, जिससे छोटे खिलाड़ियों के लिए बाजार में प्रवेश आसान हो सकता है। यह बदलाव ब्रिटेन को वैश्विक क्रिप्टो हब बनाने की सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इससे उपभोक्ता संरक्षण कमजोर हो सकता है।
यह निर्णय वित्तीय आचरण प्राधिकरण (FCA) और बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा संयुक्त रूप से विकसित नियामक ढांचे का हिस्सा है। प्रारंभिक मसौदे में उच्च पूंजी आवश्यकताएं थीं, लेकिन उद्योग की प्रतिक्रिया के बाद इसे संशोधित किया गया। नियामकों का कहना है कि नई आवश्यकताएं जोखिम-आधारित हैं और स्थिर मुद्राओं के आकार और जटिलता के अनुपात में होंगी। इससे बड़े जारीकर्ताओं पर बोझ कम होगा जबकि छोटे जारीकर्ताओं को अभी भी पर्याप्त पूंजी बनाए रखनी होगी।
स्थिर मुद्राएं, जैसे कि टीथर और यूएसडी कॉइन, क्रिप्टो बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं क्योंकि वे फिएट मुद्राओं से जुड़ी होती हैं। यूके का यह कदम अन्य देशों, विशेष रूप से यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका, में समान नियामक विकास के बीच आया है। यूरोपीय संघ के मार्केट्स इन क्रिप्टो-एसेट्स (MiCA) कानून ने पहले ही स्थिर मुद्राओं के लिए सख्त नियम निर्धारित किए हैं, जबकि अमेरिका अभी भी अपने नियामक ढांचे पर काम कर रहा है।
उद्योग के खिलाड़ियों ने इस कदम का स्वागत किया है, लेकिन कुछ ने चेतावनी दी है कि यह पर्याप्त नहीं हो सकता है। क्रिप्टो एक्सचेंजों और स्थिर मुद्रा जारीकर्ताओं ने लंबे समय से तर्क दिया है कि अत्यधिक पूंजी आवश्यकताएं नवाचार को बाधित करेंगी और व्यवसायों को अधिक अनुकूल नियामक वातावरण वाले देशों में ले जाएंगी। नए नियमों का उद्देश्य इन चिंताओं को दूर करना है जबकि वित्तीय स्थिरता और उपभोक्ता संरक्षण सुनिश्चित करना है।
आगे देखते हुए, यूके के नियामक निगरानी जारी रखेंगे और आवश्यकतानुसार नियमों को समायोजित करेंगे। यह कदम ब्रिटेन को क्रिप्टो नवाचार के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और मानकों के सामंजस्य की आवश्यकता बनी हुई है, क्योंकि क्रिप्टो बाजार वैश्विक प्रकृति के हैं। यूके का दृष्टिकोण अन्य देशों के लिए एक मॉडल के रूप में काम कर सकता है जो अपने स्वयं के नियम विकसित कर रहे हैं।
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