
डेलॉइट के अनुसार, स्वीडिश कंपनियों में AI के बढ़ते उपयोग से अनियोजित लागतें दसियों मिलियन क्रोनर तक पहुंच सकती हैं। कंसल्टेंसी फर्म के स्वीडन प्रमुख एरिक ओलिन ने कहा कि 'टोकेनॉमिक्स' के मुद्दे को कंपनी प्रबंधन की एजेंडा में उच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा, 'न केवल लागतों की बल्कि परिणामों से जुड़ी एक रणनीतिक योजना की आवश्यकता है।'
यह चेतावनी तब आई है जब कई स्वीडिश कंपनियां AI को अपनाने की होड़ में हैं, लेकिन वे अक्सर इससे जुड़ी लागतों को कम आंकती हैं। डेलॉइट की रिपोर्ट बताती है कि AI परियोजनाओं में शुरुआती निवेश के बाद, डेटा भंडारण, कंप्यूटिंग शक्ति और मॉडल रखरखाव जैसी छिपी हुई लागतें तेजी से बढ़ सकती हैं। कंपनियों को इन खर्चों को नियंत्रित करने के लिए एक स्पष्ट रणनीति की आवश्यकता है।
एरिक ओलिन ने जोर देकर कहा कि 'टोकेनॉमिक्स' केवल एक तकनीकी शब्द नहीं है, बल्कि यह AI निवेश पर रिटर्न को मापने का एक तरीका है। उन्होंने सुझाव दिया कि कंपनियों को AI परियोजनाओं के लिए विशिष्ट मीट्रिक्स विकसित करने चाहिए, जैसे कि प्रति टोकन लागत या प्रति उपयोगकर्ता लागत। इससे उन्हें यह समझने में मदद मिलेगी कि AI वास्तव में मूल्य पैदा कर रहा है या नहीं।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई स्वीडिश कंपनियां AI को अपनाने में तेजी ला रही हैं, लेकिन वे अक्सर लागत प्रबंधन को नजरअंदाज कर देती हैं। डेलॉइट ने चेतावनी दी है कि यदि कंपनियां इन लागतों को नियंत्रित नहीं करती हैं, तो वे वित्तीय संकट में पड़ सकती हैं। विशेष रूप से छोटी और मध्यम आकार की कंपनियों के लिए यह जोखिम अधिक है, क्योंकि उनके पास अप्रत्याशित खर्चों को संभालने के लिए संसाधन नहीं होते।
अंत में, एरिक ओलिन ने कहा कि AI लागत प्रबंधन को कंपनी के समग्र रणनीतिक ढांचे का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने सिफारिश की कि कंपनियां AI परियोजनाओं के लिए एक समर्पित बजट बनाएं और नियमित रूप से उनकी समीक्षा करें। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि कंपनियों को AI के उपयोग से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए विशेषज्ञों को नियुक्त करना चाहिए।
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