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अर्थव्यवस्था

भू-राजनीतिक तनाव से बाजार गिरा, सेंसेक्स 370 अंक टूटा

The Print (Economy)
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सोमवार को भारतीय शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गई, जिसमें सेंसेक्स 372.10 अंक गिरकर बंद हुआ। यह गिरावट अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण हुई, जिसने निवेशकों को चिंतित कर दिया। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया, क्योंकि ईरान एक प्रमुख तेल उत्पादक देश है। निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे आईटी, ऑटो और तेल शेयरों में बिकवाली देखी गई। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

सेंसेक्स के 30 शेयरों में से अधिकांश में गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी भी 100 अंक से अधिक गिरकर बंद हुआ। बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में भी बिकवाली का दबाव रहा, हालांकि कुछ एफएमसीजी शेयरों में हल्की खरीदारी देखी गई। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भी बिकवाली की, जिससे बाजार की धारणा और कमजोर हुई। घरेलू निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया और नए निवेश से परहेज किया।

तेल की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर भारत जैसे तेल आयातक देशों पर पड़ता है, क्योंकि इससे मुद्रास्फीति बढ़ने का खतरा होता है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि तनाव बढ़ता है, तो कच्चे तेल की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं, जिससे अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ेगा। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया भी कमजोर हुआ, जिससे आयात महंगा हो गया।

बाजार की इस गिरावट के बावजूद, कुछ क्षेत्रों में सकारात्मकता देखी गई। फार्मा और स्वास्थ्य सेवा शेयरों में मामूली बढ़त दर्ज की गई, क्योंकि निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की तलाश की। विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशकों को लंबी अवधि के नजरिए से बाजार में बने रहना चाहिए और अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से घबराना नहीं चाहिए।

आने वाले दिनों में बाजार की दिशा भू-राजनीतिक घटनाक्रम और तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी। निवेशकों को वैश्विक संकेतों पर नजर रखनी होगी और किसी भी अप्रत्याशित घटना के लिए तैयार रहना होगा। विश्लेषकों का कहना है कि बाजार में सुधार की संभावना है, लेकिन इसके लिए तनाव में कमी आना जरूरी है।

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