
एमके पार्टी के सांसद वुसी शोंगवे ने मडलंगा आयोग को बताया कि निलंबित अपराध खुफिया उप प्रमुख फेरोज खान ने कथित तौर पर उन्हें व्यावसायिक अवसरों की पेशकश की ताकि वे उनकी गवाही के लिए न बुलाएं। यह आरोप दक्षिण अफ्रीकी पुलिस सेवा (SAPS) में भ्रष्टाचार और गुटबाजी की व्यापक जांच के बीच सामने आया है।
खान को हाल ही में हॉटन स्थित अपने घर के बाहर कई गोलियां मारी गईं और उनकी आपातकालीन सर्जरी हुई। इस घटना ने SAPS के भीतर कथित आपराधिक नेटवर्क और आंतरिक संघर्षों पर चिंताएं बढ़ा दी हैं। शोंगवे ने आयोग को बताया कि खान ने उन्हें एक कथित 'खान-इदाक गुट' के हिस्से के रूप में प्रभावित करने का प्रयास किया, जो पुलिस बल के भीतर काम करता है।
शोंगवे ने कहा कि खान ने उन्हें व्यावसायिक सौदों की पेशकश की, लेकिन उन्होंने इन प्रस्तावों को ठुकरा दिया क्योंकि वे जांच में बाधा डालने के प्रयास थे। उन्होंने आयोग को बताया कि खान की गोलीबारी की घटना संदिग्ध है और इसकी गहन जांच होनी चाहिए। इस बीच, खान के वकीलों ने इन आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि वे निर्दोष हैं।
मडलंगा आयोग SAPS के भीतर कथित भ्रष्टाचार और राजनीतिक हस्तक्षेप की जांच कर रहा है। यह आयोग दक्षिण अफ्रीका में पुलिस सुधारों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। शोंगवे की गवाही से पता चलता है कि SAPS के उच्च स्तरों पर गुटबाजी और भ्रष्टाचार व्याप्त है, जो देश की कानून व्यवस्था को कमजोर कर सकता है।
इस मामले ने दक्षिण अफ्रीकी राजनीति में हलचल मचा दी है, क्योंकि एमके पार्टी और अन्य विपक्षी दल सरकार से SAPS में सुधारों की मांग कर रहे हैं। खान की गोलीबारी और शोंगवे के आरोपों ने इस मुद्दे को और अधिक जटिल बना दिया है, और आयोग से उम्मीद है कि वह जल्द ही अपनी रिपोर्ट पेश करेगा।
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