
पार्टी अध्यक्ष जुमा नकार ने एक बैठक में तुर्की और दुनिया के एजेंडे पर महत्वपूर्ण मूल्यांकन किए। उन्होंने चौबीस साल के शासन के तहत देश को आर्थिक और राजनीतिक समस्याओं में धकेलने की बात कही। नकार ने कहा कि इन संकटों को सही और सटीक नीतियों से हल किया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने असली खतरे को इस्लामी होने का दावा करने वाली सरकार के हाथों नैतिक पतन बताया। उन्होंने कहा कि तुर्की का इतिहास कठिन समय से गुज़रा है, लेकिन मूल्यों ने उसे संभाला है।
नकार ने चेतावनी दी कि आज जीवन के स्रोतों को सुखाने की कोशिश की जा रही है, जिससे पुनरुत्थान की उम्मीद कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा कि सुधार के लिए सबसे पहले नैतिक और सदाचारी राजनीति लागू करना जरूरी है। न तो सरकार और न ही विपक्ष इसके लिए इच्छाशक्ति दिखा रहा है। इसलिए जिम्मेदारी जनता पर आती है। समाधान सदाचारी और नैतिक राजनीति है, और इसका पता मिल्लत पार्टी है।
उन्होंने अपने बुद्धिमान नेता अयकुत एदिबाली के हवाले से कहा कि राजनीति को पूजा की पवित्रता और मासूमियत से करना चाहिए। अगर ऐसा नहीं है, तो राजनीति नहीं करनी चाहिए। इसलिए वे कहते हैं, 'रहमानी राजनीति को हाँ, शैतानी राजनीति को ना!'।
नकार ने तुर्की के इतिहास में नैतिक मूल्यों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मिल्लत पार्टी ही सही राजनीति का पता है। उन्होंने सरकार पर नैतिक पतन का आरोप लगाया।
अंत में, उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे नैतिक राजनीति का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि तुर्की का भविष्य सदाचारी नेतृत्व पर निर्भर है।
इस खबर के बारे में पूछें
उत्तर केवल इस खबर से AI द्वारा।
यह एआई द्वारा बनाया गया संक्षिप्त सारांश है। पूरी खबर स्रोत पर है।
स्रोत पर पूरी खबर पढ़ेंtokatsehirgazetesi.com