ओक्ताय सरल ने इस्तांबुल बार एसोसिएशन को निशाना बनाया; LGBTİ+ विरोधी कानूनी व्यवस्था की मांग की

ओक्ताय सरल ने इस्तांबुल बार एसोसिएशन को निशाना बनाते हुए LGBTİ+ समुदाय के खिलाफ कानूनी व्यवस्था की मांग की है। यह घटना तुर्की में LGBTİ+ अधिकारों पर बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच सामने आई है। सरल ने अपने बयान में बार एसोसिएशन पर LGBTİ+ समुदाय को समर्थन देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां तुर्की के पारिवारिक मूल्यों के खिलाफ हैं। सरल ने सरकार से आग्रह किया कि वह LGBTİ+ प्रचार को रोकने के लिए कानून बनाए।
इस्तांबुल बार एसोसिएशन ने अभी तक इस मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, बार एसोसिएशन के कुछ सदस्यों ने सरल के बयान की आलोचना की है। उनका कहना है कि यह मानवाधिकारों और कानून के शासन के खिलाफ है। तुर्की में LGBTİ+ समुदाय पहले से ही भेदभाव और हिंसा का सामना कर रहा है। सरल की मांग से इस समुदाय के खिलाफ और अधिक दमन की आशंका बढ़ गई है।
यह मामला तुर्की में LGBTİ+ अधिकारों पर चल रही बहस को और तेज कर सकता है। पिछले कुछ वर्षों में, तुर्की सरकार ने LGBTİ+ समुदाय के खिलाफ कई कदम उठाए हैं। इनमें प्राइड परेड पर प्रतिबंध और LGBTİ+ संगठनों पर दबाव शामिल है। सरल का बयान इस प्रवृत्ति का हिस्सा माना जा रहा है।
ओक्ताय सरल एक जाने-माने राजनीतिक व्यक्ति हैं जो अक्सर विवादास्पद बयान देते हैं। वह पहले भी LGBTİ+ समुदाय के खिलाफ बोल चुके हैं। उनके इस नवीनतम बयान ने मानवाधिकार संगठनों को चिंतित कर दिया है। उनका कहना है कि इस तरह के बयान समाज में नफरत और असहिष्णुता को बढ़ावा देते हैं।
इस घटना के बाद, तुर्की में LGBTİ+ अधिकारों के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है। वे सरल की मांग के खिलाफ एकजुटता दिखाना चाहते हैं। यह देखना बाकी है कि सरकार इस मामले में क्या रुख अपनाती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी तुर्की में LGBTİ+ अधिकारों की स्थिति पर नजर रख रहा है।
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