सामग्री पर जाएं
Ravington
फ़ीड पर वापस
तकनीक

Samsung और अन्य मेमोरी निर्माताओं पर RAM की कीमतें बढ़ाने का मुकदमा

Hipertextual
WhatsApp

सैमसंग, SK हाइनिक्स और माइक्रोन पर एक सामूहिक मुकदमा दायर किया गया है, जिसमें उन पर RAM की कीमतों को कृत्रिम रूप से बढ़ाने का आरोप लगाया गया है। यह मुकदमा अमेरिकी अदालत में दायर किया गया है और इसमें दावा किया गया है कि इन कंपनियों ने जानबूझकर DDR3 और DDR4 मेमोरी के उत्पादन में कटौती की, जिससे बाजार में कमी पैदा हुई और कीमतें आसमान छू गईं।

यह कदम तब उठाया गया जब दुनिया भर में मेमोरी की कमी पहले से ही एक गंभीर समस्या बन चुकी थी। लेनोवो ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि यह स्थिति 2030 से पहले सुधरने की संभावना नहीं है, जिससे उपभोक्ताओं को महंगे उपकरणों की आदत डालनी पड़ेगी। मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि इन कंपनियों ने अपने संसाधनों को HBM मेमोरी पर केंद्रित किया, जो AI डेटा सेंटरों में उपयोग होती है और अधिक महंगी है, जबकि आम उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक DDR3 और DDR4 मेमोरी की आपूर्ति को जानबूझकर सीमित किया।

इस मुकदमे में वादी का कहना है कि इन कंपनियों ने मिलीभगत करके मेमोरी की कीमतों को नियंत्रित किया, जिससे उपभोक्ताओं को अत्यधिक कीमत चुकानी पड़ी। यह मामला उस समय सामने आया है जब दुनिया भर में तकनीकी उपकरणों की कीमतें पहले से ही बढ़ रही हैं, और मेमोरी की कमी ने स्थिति को और खराब कर दिया है।

मुकदमे में यह भी आरोप लगाया गया है कि इन कंपनियों ने अपने उत्पादन को जानबूझकर कम करके बाजार में कृत्रिम कमी पैदा की, जिससे वे अधिक कीमत वसूल सकें। यह कदम उपभोक्ताओं के लिए बेहद हानिकारक साबित हुआ है, क्योंकि उन्हें अपने कंप्यूटर और अन्य उपकरणों के लिए अधिक भुगतान करना पड़ रहा है।

इस मामले की सुनवाई अमेरिकी अदालत में होगी, और अगर ये आरोप साबित होते हैं, तो इन कंपनियों को भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। यह मुकदमा तकनीकी उद्योग में मूल्य निर्धारण प्रथाओं पर एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम कर सकता है।

इस खबर के बारे में पूछें

उत्तर केवल इस खबर से AI द्वारा।

यह एआई द्वारा बनाया गया संक्षिप्त सारांश है। पूरी खबर स्रोत पर है।

स्रोत पर पूरी खबर पढ़ेंhipertextual.com

संबंधित समाचार